साल 2026 में किस महीने में पड़ेगी कौन-सी अमावस्या, यहां जानें उनका विशेष महत्व और तिथि…

BE NEWS – हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि अमावस्या कहलाती है। धार्मिक मान्यता है कि अमावस्या के दिन व्रत, दान, पितृ-तर्पण, साधना और पूजा करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। इसके साथ ही यह दिन पितरों को समर्पित भी माना जाता है और उनकी आत्मा की शांति के लिए तर्पण किया जाता है। हर अमावस्या का अपना अलग नाम और महत्व होता है। आइए जानते हैं साल 2026 में किस महीने में कौन-सी अमावस्या पड़ेगी और उनका महत्व क्या है।

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1. मौनी अमावस्या, 18 जनवरी – 2026 की पहली अमावस्या जनवरी में पड़ेगी। माघ मास में आने के कारण इसे मौनी अमावस्या कहा जाता है। इस दिन मौन व्रत, गंगा स्नान और दान का विशेष महत्व है।

2. फाल्गुन अमावस्या, 17 फरवरी  – फाल्गुन माह की अमावस्या 17 फरवरी को होगी। इसके एक दिन पहले 16 फरवरी को महाशिवरात्रि मनाई जाएगी।

3. चैत्र अमावस्या, 19 मार्च – इस अमावस्या के साथ हिंदू वर्ष 2082 समाप्त होगा और नया साल विक्रम संवत 2083 शुरू होगा।

4. सतुवाई अमावस्या, 17 अप्रैल – वैशाख अमावस्या को सतुवाई अमावस्या भी कहा जाता है। यह स्नान, दान, और व्रत के लिए बहुत ही पवित्र तिथि मानी जाती है।

5. ज्येष्ठ अमावस्या, 16 मई – यह दिन खास है क्योंकि इसी दिन शनि अमावस्या और शनि जयंती दोनों मनाई जाएंगी। शनि दोष शांति के लिए यह बहुत ही महत्वपूर्ण तिथि है।

6.ज्येष्ठ अमावस्या, 15 जून – अमावस्या अधिक मास की होने के कारण अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस दिन किए गए पूजा-पाठ का अनेक गुना फल प्राप्त होता है।

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8. सावन या हरियाली अमावस्या, 12 अगस्त – सावन भगवान शिव को समर्पित महीना होता है, इसलिए इस अमावस्या को हरियाली अमावस्या कहा जाता है। शिव पूजन और रुद्राभिषेक इस दिन विशेष होते हैं।

9. भाद्रपद अमावस्या, 11 सितंबर- कहते है कि इस दिन कुशा घास एकत्र की जाती है, जिसका उपयोग धार्मिक कार्यों में सालभर किया जाता है। इसलिए इसे कुशग्रहणी अमावस्या कहते हैं।

10. आश्विन अमावस्या या पितृ मोक्ष अमावस्या – 10 अक्टूबर- यह तिथि पितरों को समर्पित है। इस दिन पितृ मोक्ष अमावस्या और शनिश्चरी अमावस्या दोनों का संयोग होगा।

11. कार्तिक अमावस्या या दिवाली, 9 नवंबर – कार्तिक अमावस्या के दिन ही दीपावली मनाई जाती है।

12. मार्गशीर्ष अमावस्या,8 दिसंबर- इस अमावस्या पर पितृ तर्पण और धार्मिक उपाय करना शुभ माना जाता है।

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